✦ तृतीयः पाठः ✦
मित्राय नमः
Surya Namaskar — Sanskrit to Hindi Explanation
📚 संस्कृत हिन्दी व्याख्या | दीपकम् | कक्षा ७ | @edugrown
📋 विषय-सूची
☀️ पाठ का परिचय — सूर्यनमस्कार
✏️ सूर्यनमस्कार के १२ आसन और मंत्र
योगिता – आचार्ये ! अद्य सूर्यनमस्कारं शिक्षयतु ।
आचार्या – समीचीनम् । सूर्यनमस्कारः द्वादशानाम् आसनानां समाहारः अस्ति । प्रत्येकस्मात् सूर्यनमस्कारात् पूर्वम् एकः मन्त्रः भवति ।
आचार्या – समीचीनम् । सूर्यनमस्कारः द्वादशानाम् आसनानां समाहारः अस्ति । प्रत्येकस्मात् सूर्यनमस्कारात् पूर्वम् एकः मन्त्रः भवति ।
🔵 हिन्दी: योगिता: आचार्या जी! आज सूर्यनमस्कार सिखाइए।
आचार्या: ठीक है। सूर्यनमस्कार बारह आसनों का समूह है। प्रत्येक सूर्यनमस्कार से पहले एक मंत्र बोला जाता है।
आचार्या: ठीक है। सूर्यनमस्कार बारह आसनों का समूह है। प्रत्येक सूर्यनमस्कार से पहले एक मंत्र बोला जाता है।
💡 सूर्यनमस्कार = 12 आसनों का समूह। हर आसन से पहले एक मंत्र।
🌞 बारह मंत्र — अर्थ सहित
☀️ सूर्य के १२ नाम और उनके अर्थ:
| # | मंत्र | अर्थ |
|---|---|---|
| १ | ॐ मित्राय नमः | मित्र (सबके मित्र) को प्रणाम |
| २ | ॐ रवये नमः | रवि (सूर्य) को प्रणाम |
| ३ | ॐ सूर्याय नमः | सूर्य को प्रणाम |
| ४ | ॐ भानवे नमः | प्रकाशमान को प्रणाम |
| ५ | ॐ खगाय नमः | आकाश में विचरण करने वाले को प्रणाम |
| ६ | ॐ पूष्णे नमः | पोषण करने वाले को प्रणाम |
| ७ | ॐ हिरण्यगर्भाय नमः | सुवर्ण (सोने) जैसे गर्भ वाले को प्रणाम |
| ८ | ॐ मरीचये नमः | किरणों वाले को प्रणाम |
| ९ | ॐ आदित्याय नमः | आदिति के पुत्र को प्रणाम |
| १० | ॐ सवित्रे नमः | प्रेरित करने वाले को प्रणाम |
| ११ | ॐ अर्काय नमः | पूजनीय को प्रणाम |
| १२ | ॐ भास्कराय नमः | प्रकाश करने वाले को प्रणाम |
अंत में: ॐ सवितृसूर्यनारायणाय नमः
📜 मुख्य श्लोक — लाभ
आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने ।
आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां च जायते ।।
आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां च जायते ।।
अन्वयः: ये दिने दिने आदित्यस्य नमस्कारान् कुर्वन्ति, तेषां आयुः, प्रज्ञा, बलम्, वीर्यम्, तेजः च जायते ।
🔵 हिन्दी: जो लोग प्रतिदिन सूर्य को नमस्कार करते हैं, उन्हें ये पाँच चीज़ें मिलती हैं: (१) आयुः = दीर्घायु, (२) प्रज्ञा = बुद्धि/मेधा, (३) बलम् = शारीरिक शक्ति, (४) वीर्यम् = पराक्रम/वीरता, (५) तेजः = तेज/दीप्ति।
💡 सूर्यनमस्कार रोज़ करने से शरीर, मन और आत्मा तीनों को लाभ मिलता है।
एवं योगासनेषु सूर्यनमस्कारः एकः श्रेष्ठः आसनक्रमः अस्ति । सूर्यनमस्कारेण शारीरिकं, मानसिकम्, आध्यात्मिकं च बलं वर्धते । अतः वयं प्रतिदिनं सूर्यनमस्कारं करवाम । 'स्वस्थं शरीरं स्वस्थं मनः' च प्राप्नवाम ।
🔵 हिन्दी: इस प्रकार योगासनों में सूर्यनमस्कार एक श्रेष्ठ आसन-क्रम है। सूर्यनमस्कार से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक बल बढ़ता है। इसलिए हम प्रतिदिन सूर्यनमस्कार करें और 'स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन' प्राप्त करें।
💡 सूर्यनमस्कार से तीनों — शरीर, मन और आत्मा — स्वस्थ होते हैं।
💡 याद रखो: 'नमः' के साथ चतुर्थी विभक्ति होती है।
उदाहरण: सूर्याय नमः | भास्कराय नमः | मित्राय नमः
उदाहरण: सूर्याय नमः | भास्कराय नमः | मित्राय नमः
📚 @edugrown | दीपकम् | कक्षा ७