अध्याय 2 · कहानी
अध्याय 2: न्याय की कुर्सी
✅ पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न — हल सहित (NCERT Solutions)
@edugrown
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💬 बातचीत के लिए
1आपका प्रिय खेल कौन-सा है? आप उसे कैसे खेलते हैं?
यह विद्यार्थी की अपनी पसंद पर निर्भर करता है। उदाहरण: 'मुझे क्रिकेट खेलना पसंद है। हम दो टीमों में बँटकर बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी करते हैं।'
2क्या आपने कभी किसी समस्या का समाधान किया है? अपना अनुभव साझा कीजिए।
विद्यार्थी अपने निजी अनुभव लिखें — जैसे दोस्तों के बीच झगड़ा सुलझाना या किसी छोटी समस्या का हल निकालना।
3यदि आप राजा के स्थान पर होते और आपको लड़के के बारे में पता चलता तो आप क्या करते?
उदाहरण उत्तर: 'मैं लड़के से मिलकर उसकी बुद्धिमानी की सराहना करता और उससे सीखने की कोशिश करता, न कि उसकी सफलता से नाराज़ होता।'
4लड़के के अंदर ऐसे कौन-कौन से गुण होंगे जिनके कारण वह सिंहासन पर बैठ पा रहा था?
ईमानदारी, निर्दोषता (भोलापन), सच्चाई और दूसरों के प्रति दया जैसे गुण — जिनके कारण वह और अन्य बच्चे उस सिंहासन पर बैठ पाते थे।
📘 पाठ से
5राजा को लड़के द्वारा न्याय करने के विषय में कैसे पता चला?
(ख) लोगों द्वारा लड़के के न्याय की प्रशंसा सुनकर, और (घ) मंत्रियों द्वारा लड़के की बुद्धि की प्रशंसा सुनकर।
6राजा को सबसे अधिक आश्चर्य किस बात से हुआ?
(ग) सिंहासन पर बैठने वाला लड़का सही न्याय करता था, और (घ) स्वयं सिंहासन में ही कोई चमत्कारी शक्ति विद्यमान थी।
7लड़कों को यह खेल इतना अच्छा क्यों लगा कि वे प्रतिदिन इसे खेलने लगे?
(क) क्योंकि वे राजा जैसा बनने का आनंद ले रहे थे।
8राजा ने उपवास और प्रायश्चित क्यों किया?
(क) ताकि वह सिंहासन पर बैठने के योग्य बन सके, और (ख) क्योंकि उसे अपने कर्मों पर पछतावा था।
✍️ सोचिए और लिखिए
9सभी लड़के सिंहासन पर बैठ पा रहे थे लेकिन राजा नहीं बैठ पाया। ऐसा क्यों?
क्योंकि लड़के निर्दोष और भोले-भाले थे, उनके मन में कोई कलुष (बुराई) नहीं था, जबकि राजा ने चोरी, झूठ और दूसरों को चोट पहुँचाने जैसे कार्य किए थे — इसलिए वह सिंहासन के योग्य नहीं था।
10क्या राजा को प्रायश्चित करने के बाद सिंहासन पर बैठने का अधिकार मिलना चाहिए था?
यह विद्यार्थियों की अपनी राय पर निर्भर करता है। एक तर्क यह हो सकता है कि प्रायश्चित से सुधार आता है, इसलिए उसे मौका मिलना चाहिए। दूसरा तर्क यह कि जब उसमें अभिमान आ गया, तभी वह अयोग्य साबित हो गया — इसलिए सिंहासन का उड़ जाना उचित था।
11दोनों किसानों ने राजा के दरबार के बजाय लड़के के पास जाने का फ़ैसला क्यों किया?
क्योंकि लड़के की न्याय-बुद्धि की चर्चा पूरे नगर में फैल चुकी थी, और लोगों को विश्वास था कि वह निष्पक्ष और सही फ़ैसला देगा।
12चौथी मूर्ति सिंहासन के साथ आकाश में क्यों उड़ गई?
क्योंकि राजा ने मन-ही-मन स्वयं को सबसे धनवान, बलवान और बुद्धिमान मानते हुए गर्व से सिंहासन के योग्य समझ लिया — यह अभिमान ही उसकी अयोग्यता का प्रमाण बन गया।
13इस कहानी को एक नया शीर्षक दीजिए और बताइए कि आपने यह शीर्षक क्यों चुना?
उदाहरण: 'विनम्रता की परीक्षा' — क्योंकि कहानी मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि सच्ची योग्यता विनम्रता से आती है, अभिमान से नहीं।
🔮 अनुमान और कल्पना
14सिंहासन की मूर्तियाँ उड़कर कहाँ जाती होंगी और वहाँ क्या करती होंगी?
उदाहरण: 'वे किसी पवित्र स्थान या स्वर्ग जैसी जगह जाती होंगी, जहाँ वे किसी अगले योग्य व्यक्ति के आने का इंतज़ार करती होंगी।'
15यदि राजा सिंहासन पर बैठने में सफल हो जाता तो क्या होता?
उदाहरण: 'शायद वह एक बेहतर और अधिक विनम्र राजा बन जाता, या हो सकता है कि सिंहासन की शक्ति समाप्त हो जाती। यह कल्पना पर निर्भर करता है।'
🔤 भाषा की बात
16दिए गए वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए।
(क) चौथी मूर्ति ने कहा, "ठहरो! जो लड़के इस सिंहासन पर बैठते थे, वे भोले-भाले थे। उनके मन में कलुष नहीं था। अगर तुमको विश्वास है कि तुम इस योग्य हो, तो इस सिंहासन पर बैठ सकते हो।"
(ख) राजा बड़ी देर तक सोचता रहा। फिर उसने मन ही मन कहा, "अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ? मैं राजा हूँ। मुझसे ज़्यादा धनवान, बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा? मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ।"
(ख) राजा बड़ी देर तक सोचता रहा। फिर उसने मन ही मन कहा, "अगर एक लड़का इस पर बैठ सकता है तो भला मैं क्यों नहीं बैठ सकता हूँ? मैं राजा हूँ। मुझसे ज़्यादा धनवान, बलवान और बुद्धिमान भला और कौन होगा? मैं अवश्य इस सिंहासन पर बैठने योग्य हूँ।"
17'तीसरी मूर्ति भी उड़ गई' — इस वाक्य में संज्ञा शब्द कौन-सा है, और कौन-सा शब्द उसकी विशेषता बता रहा है?
संज्ञा शब्द: 'मूर्ति'। विशेषता बताने वाला शब्द (विशेषण): 'तीसरी'।
18कहानी में से विशेषण शब्द पहचानकर लिखिए।
(क) एक झुंड — 'एक'; (ख) प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी, लंबा-चौड़ा मैदान — 'प्राचीन', 'ऐतिहासिक', 'लंबा-चौड़ा'; (ग) छोटी उम्र, आश्चर्य की बात — 'छोटी'; (घ) सुंदर सिंहासन — 'सुंदर'; (ङ) अच्छी खासी भीड़ — 'अच्छी खासी'।
बनाया गया 💛 @edugrown द्वारा — विद्यार्थियों के लिए सरल व स्पष्ट हल