धातुरूपाणि
पाँचों प्रमुख लकारों (वर्तमान, भविष्यत्, भूत, आज्ञा, विध्यर्थ) में धातुरूपाणि — परस्मैपदि व आत्मनेपदि दोनों सहित, अन्त में सन्धि-परिचयः
पुरुष-परिचयः
तालिका पठितुं पूर्वं इदं ज्ञातव्यम् — Person की भूमिका (ध्यान दें: संस्कृत में क्रम अंग्रेज़ी से उल्टा है)लकार-परिचयः
पाँच लकारों का अर्थ एवं प्रयोगलट्-लकारः
वर्तमानकालः — Present Tense
लृट्-लकारः
भविष्यत्कालः — Future Tense
लङ्-लकारः
भूतकालः — Past Tense
लोट्-लकारः
आज्ञार्थे, प्रार्थनार्थे, विध्यर्थे, निमन्त्रणार्थे, आमन्त्रणार्थे — Imperative
विधिलिङ्-लकारः
आज्ञार्थे, प्रार्थनार्थे, विध्यर्थे, निमन्त्रणार्थे, आमन्त्रणार्थे — Optative
अधिकं जानीमः — सन्धीनां सामान्यः परिचयः
Sandhi — Sound-combination rules
इस परिशिष्ट में प्रथम चतुर्णां (1–4) सन्धीनां सामान्यः परिचयः उदाहरणसहितं प्रदत्तः — शेष तीन (अयादि, पूर्वरूप, प्रकृतिभाव) मूल पाठ्यांश में विस्तारित नहीं हैं।
इस धातु हेतु कोई रूप-तालिका उपलब्ध नहीं है। कृपया अन्य धातु खोजें।
स्रोतः — दीपकम् (संस्कृतम्), कक्षा ७, परिशिष्टम् २ : धातुरूपाणि (पृ. १५६–१६२) । सर्वाणि रूपाणि मूल पाठ्यपुस्तकानुसारेण सत्यापितानि।