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Quick revision notes

द्वितीयः पाठः : अल्पानामपि वस्तूनां संहतिः कार्यसाधिका (Alpānāmapi Vastūnāṃ Saṃhatiḥ Kāryasādhikā) Quick revision notes Class 8th Sanskrit (दीपकम्) — एकता में शक्ति है

Class 8 · Sanskrit (दीपकम्) · Chapter 2 : अल्पानामपि वस्तूनां संहतिः कार्यसाधिका (Alpānāmapi Vastūnāṁ Saṁhatiḥ Kāryasādhikā) · All Board · All Medium · 1 views

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📖 Class 8 Sanskrit
✦ द्वितीयः पाठः ✦
अल्पानामपि वस्तूनां संहतिः कार्यसाधिका
🕊️ एकता में शक्ति है 🕊️
🏔️पाठ परिचय
🏔️ पहाड़ों पर फँसे मित्र — विपत्काल की कथा
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🏔️ पहाड़ों पर फँसे मित्र — विपत्काल की कथा

📌 प्रकार: गद्य-कथा (Prose Story)

📌 मित्रों का दल उत्तराखण्ड की यात्रा पर जाता है।

📌 अचानक भारी वर्षा, बाढ़ और भूस्खलन से वे फँस जाते हैं।

📌 नायक: सुधीर — जो सबको धैर्य और एकता का पाठ पढ़ाता है।

📌 एक हितोपदेश-कथा (चित्रग्रीव कपोत-राज की) के माध्यम से संदेश मिलता है।

💡 मुख्य संदेश
  • अल्प (छोटी) वस्तुएँ भी मिलकर बड़े काम करती हैं।
  • संकट में धैर्य रखो, विषाद नहीं।
  • मिलकर (संहतिः) काम करने से असाध्य भी साध्य होता है।
🌸
📖हितोपदेश की कथा
🕊️ चित्रग्रीव कपोत-राज की कथा
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🕊️ चित्रग्रीव कपोत-राज की कथा
📜 कथा-सार:
चित्रग्रीव = कपोतों का राजा (चित्रकंठ वाला कबूतर)
एक व्याध ने जाल बिछाकर चावल के दाने डाले।
लोभ में आकर कपोत जाल में फँस गए।
चित्रग्रीव ने कहा — मिलकर उड़ो! सब ने एकसाथ उड़कर जाल तोड़ा।
मूषकराज (चूहे) हिरण्यक ने जाल काट दिया।

🔹 श्लोक १: वृद्धानां वचनं ग्राह्यमापत्काले ह्युपस्थिते।
👉 संकट में बुजुर्गों की बात मानो।

🔹 श्लोक २: विपदि धैर्यमथाभ्युदये क्षमा, सदसि वाक्पटुता युधि विक्रमः।
👉 संकट में धैर्य, सफलता में क्षमा, सभा में वाकपटुता, युद्ध में वीरता — यही सत्पुरुष के लक्षण हैं।

🌸
📖महत्त्वपूर्ण शब्दार्थ
संहतिःएकता / मिलकरUnion / Together
कार्यसाधिकाकार्यसिद्ध करने वालीWork accomplisher
विपत्कालसंकट का समयTime of crisis
चित्रग्रीवसुन्दर गर्दन वालाColourful-necked
व्याधःशिकारीHunter
तण्डुलकणाःचावल के दानेRice grains
संहत्यमिलकरTogether
बद्धाःबंधे हुएTrapped
आत्मविश्वासस्वयं पर भरोसाSelf-confidence
धैर्यम्साहस / धीरजCourage
अनागतभविष्य में आने वालाFuture
सांत्वयन्धीरज देते हुएConsoling
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💡पाठ का संदेश + व्याकरण
🌟 एकता में शक्ति है
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🌟 एकता में शक्ति है
🌟 जीवन-मूल्य (Life Values)
  • मिलकर काम करो — अकेले असम्भव काम भी सम्भव हो जाता है।
  • संकट में विषाद नहीं, धैर्य रखो।
  • वृद्धों / बुजुर्गों की बात सुनो।
  • लोभ से बचो — लोभ विनाश का कारण है।
📌 तुमुन् प्रत्यय (क्रिया → संज्ञा)
🔹 तुमुन् प्रत्यय = जब क्रिया के साथ तुम् अर्थ हो।
🔹 गम् + तुम् = गन्तुम् (जाने के लिए)
🔹 कर् + तुम् = कर्तुम् (करने के लिए)
🔹 पठ् + तुम् = पठितुम् (पढ़ने के लिए)
🔴 एकता🔵 धैर्य🟢 सहयोग🟠 आत्मविश्वास
✨ द्वितीयः पाठः समाप्त — अल्पानामपि वस्तूनां संहतिः कार्यसाधिका ✨
Notes by @edugrown | Class 8 Sanskrit | दीपकम्

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