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Quick revision notes

पाठ 8: नए मेहमान (Naye Mehmaan) Quick revision notes Class 8th Hindi (मल्हार) — उदयशंकर भट्ट

Class 8 · Hindi (Malhar) · Chapter 8 : नए मेहमान (Naye mehmaan) · All Board · All Medium · 2 views

Ye material inke liye bhi hai: All Board BIHAR BOARD CBSE CHHATTISGARH BOARD JHARKHAND BOARD MP BOARD NIOS RAJASTHAN BOARD UP BOARD All Medium ENGLISH HINDI
📖 विस्तृत सारांश — नए मेहमान

🖊️ रचना-परिचय

उदयशंकर भट्ट हिंदी के प्रसिद्ध एकांकी (One-Act Play) लेखक हैं। यह एकांकी शहरी मध्यवर्गीय जीवन की परेशानियों और भारतीय आतिथ्य परंपरा के बीच के द्वंद्व को हास्य-व्यंग्य से प्रस्तुत करती है। एकांकी = एक ही अंक में पूरा होने वाला नाटक।

🌡️ दृश्य 1 — गर्मी की भीषण रात

  • स्थान: भारत का एक बड़ा नगर, किराए का छोटा मकान। समय: गर्मी की रात, रात के लगभग आठ बजे।
  • रेवती — सिर दर्द से परेशान है। बोलती है — "सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो।"
  • विश्वनाथ — परेशान। बोलते हैं — "चारों तरफ दीवारें तप रही हैं।"
  • बच्चे प्रमोद और किरण भी गर्मी में बेचैन हैं।
  • पड़ोसी छत पर सोने की जगह नहीं देते — इसलिए नीचे ही रहना है।
  • रेवती — "भगवान करे, इन दिनों कोई मेहमान न आए।" विधि की विडंबना — तभी दरवाजा खटखटाया जाता है।

👥 दृश्य 2 — नन्हेमल और बाबूलाल का आगमन

  • दो अनजान व्यक्ति — नन्हेमल और बाबूलाल — आते हैं। कहते हैं रेवती के भाई ने भेजा है।
  • विश्वनाथ दो-तीन बार पूछते हैं — "ठीक-ठीक उत्तर ही नहीं देते।" पहचानते नहीं।
  • रेवती — "ये लोग कौन हैं? जान-पहचान के तो मालूम नहीं पड़ते।"
  • पर भारतीय संस्कार — मेहमान को भगाना उचित नहीं — इसलिए अंदर आने देते हैं।
  • विश्वनाथ दुविधा में — "क्या पूछूँ? तीन बार पूछा, उत्तर नहीं।"

🏠 दृश्य 3 — खातिरदारी की मुसीबत

  • पानी की किल्लत — गर्मी में पानी बड़ी मुश्किल से आया था।
  • खाने की व्यवस्था — तंग मकान में इतने लोगों का इंतजाम कठिन।
  • जगह नहीं — छत पर पड़ोसी ने मना किया। सभी एक ही कमरे में।
  • मेहमान नन्हेमल-बाबूलाल बेफिक्र बैठे हैं — घर के मालिक ही परेशान।
  • रेवती पति पर झल्लाती हैं — "लाखों के आदमी खाक में मिल गए।"
  • विश्वनाथ — "आज दो साल से दिन-रात एक करके ढूँढ़ रहा हूँ।"

🎭 दृश्य 4 — रहस्य का खुलासा

  • अंत में रेवती का भाई (आगंतुक) स्वयं आता है।
  • रहस्य सुलझता है — नन्हेमल-बाबूलाल उसके पहचान के हैं, वह उनका परिचय देता है।
  • परिवार को राहत मिलती है। एकांकी सुखद अंत पर समाप्त होती है।

🌡️ गर्मी का भाषाई चित्रण

  • "सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो" — रूपक।
  • "चारों तरफ दीवारें तप रही हैं" — मानवीकरण।
  • "चने की तरह भाड़ में भुनते रहते हैं" — मुहावरा।
  • "तमाम शरीर मारे गरमी के उबल उठा है" — अतिशयोक्ति।
💡 केंद्रीय संदेश
मध्यवर्गीय शहरी जीवन की परेशानियाँ — तंग मकान, गर्मी, पानी, जगह — और उनके बीच भारतीय आतिथ्य-परंपरा का निर्वाह। साथ ही संदेश — मेहमान को भी जिम्मेदार होना चाहिए; बिना बुलाए, बिना पहचान बताए आना उचित नहीं।
🎯 पाठ का परिचय
  • यह एक एकांकी (एक अंक का नाटक) है।
  • विषय — गर्मी से परेशान एक शहरी मध्यवर्गीय परिवार के पास अनजान मेहमानों का आ जाना।
  • परिस्थिति — "मान न मान, मैं तेरा मेहमान" — अपरिचित मेहमान बिना बुलाए आ जाते हैं।
  • परिवार संकोचवश उनकी खातिरदारी करता है और परेशान होता है।
✍️ लेखक परिचय — उदयशंकर भट्ट
  • हिंदी के प्रसिद्ध एकांकी लेखक
  • शहरी मध्यवर्गीय जीवन की विसंगतियों का जीवंत चित्रण करने में माहिर।
  • इनकी एकांकियाँ व्यावहारिक जीवन की सच्चाई को हास्य-व्यंग्य के साथ प्रस्तुत करती हैं।
📝 एकांकी क्या है?
📖 परिभाषा
एकांकी = एक ही अंक वाला नाटक। इसमें एक ही स्थान, सीमित समय और एक केंद्रीय संघर्ष होता है।
  • अंतर: नाटक — कई अंक; एकांकी — केवल एक अंक।
  • एकांकी में संवाद, मंचीय निर्देश और पात्र परिचय होते हैं।
  • कम समय में पूरी कहानी — संक्षिप्त और प्रभावशाली।
👥 पात्र-परिचय
👨‍💼
विश्वनाथ
गृहपति, उम्र 45 वर्ष, गेहुँआ रंग, गंभीर। तंग मकान में रहते हैं, किराएदार हैं।
👩
रेवती
विश्वनाथ की पत्नी। सिर दर्द से परेशान। मेहमानों से परेशान होती है।
👦👧
प्रमोद, किरण
विश्वनाथ के बच्चे। छोटे बच्चे भी गर्मी से परेशान।
🧑‍🤝‍🧑
नन्हेमल, बाबूलाल
अतिथि — रेवती के भाई के परिचित। अपरिचित, अनजान मेहमान।
👤
आगंतुक
रेवती का भाई — बाद में प्रकट होता है। रहस्य सुलझता है।
स्थान: भारत का कोई बड़ा नगर | काल: गर्मी की ऋतु, रात के आठ बजे
📖 एकांकी का सार
📝 संक्षेप में
भीषण गर्मी में विश्वनाथ और रेवती अपने छोटे किराए के मकान में सोने की तैयारी कर रहे हैं। तभी दो अनजान मेहमान — नन्हेमल और बाबूलाल — आ जाते हैं। वे कहते हैं कि रेवती के भाई ने उन्हें भेजा है। परिवार उन्हें जानता नहीं, पर संकोच में खातिरदारी करते हैं। गर्मी, तंग मकान, पानी की किल्लत — सबके बीच परिवार परेशान रहता है। अंत में रेवती का भाई (आगंतुक) आता है और रहस्य सुलझता है।
📅 मुख्य घटनाक्रम
  • 1
    पृष्ठभूमि — भीषण गर्मी, किराए का छोटा मकान, विश्वनाथ-रेवती की परेशानियाँ।
  • 2
    विश्वनाथ — "भगवान करे, इन दिनों कोई मेहमान न आए।" — रेवती की इच्छा।
  • 3
    दरवाजा खटखटाया — नन्हेमल और बाबूलाल — रेवती के भाई ने भेजा।
  • 4
    विश्वनाथ — "क्या पूछूँ? दो-तीन बार पूछा, ठीक-ठीक उत्तर नहीं देते।" — पहचान नहीं होती।
  • 5
    मेहमानों की खातिरदारी — पानी, खाना, जगह — सब में परेशानी।
  • 6
    मकान की तंगी — पड़ोसी छत पर सोने की जगह नहीं देते।
  • 7
    अंत में रेवती का भाई (आगंतुक) आता है — रहस्य सुलझता है।
🎨 एकांकी की विशेषताएँ

🌡️ गर्मी का चित्रण (भाषा)

💬 उदाहरण
  • "सारे शहर में जैसे आग बरस रही हो।"
  • "चारों तरफ दीवारें तप रही हैं।"
  • "यह तो हमारा ही भाग्य है कि चने की तरह भाड़ में भुनते रहते हैं।"
  • रूपक और उपमा के माध्यम से गर्मी की तीव्रता का चित्रण।

🗣️ मुहावरे (एकांकी में)

मुहावराअर्थ
दिन-रात एक करनाअथक मेहनत करना
खाक में मिलनानष्ट होना, बर्बाद होना
सिर फटनाबहुत तेज दर्द होना
गला तर करनापानी पीकर प्यास बुझाना

🏙️ मध्यवर्गीय जीवन की समस्याएँ

  • किराए का छोटा मकान — जगह की कमी।
  • गर्मी में छत पर सोना भी नसीब नहीं — पड़ोसी की अनुमति नहीं।
  • मेहमानों की खातिरदारी की जिम्मेदारी — संकोच में हाँ कहना
  • पानी, खाना, जगह — सबकी किल्लत।
📌 कठिन शब्द और शब्दार्थ
शब्दअर्थ
एकांकीएक अंक का नाटक
असुविधापरेशानी, दिक्कत
संकोचहिचकिचाहट, शर्म
खातिरदारीमेहमान की सेवा-सत्कार
सुकुमारकोमल, नाजुक
अपराधगलती, दोष
टँगनालटकना
मुसीबतपरेशानी, संकट
आगंतुकअचानक आया मेहमान
द्विधादुविधा, संशय
प्रकोपतेज प्रभाव, प्रकोप
🔁 Quick Revision
✍️लेखक:
उदयशंकर भट्ट
🎭विधा:
एकांकी
🎯विषय:
मध्यवर्गीय जीवन
🌡️मौसम:
भीषण गर्मी
🏠समस्या:
तंग किराए का मकान
👥अतिथि:
नन्हेमल, बाबूलाल
💡 याद रखें
  1. एकांकी = एक अंक का नाटक = संक्षिप्त, केंद्रित कथानक।
  2. गर्मी का वर्णन — रूपक और उपमाओं द्वारा।
  3. मध्यवर्ग की समस्याएँ — घर, पानी, जगह, मेहमान।
  4. अतिथि की भी जिम्मेदारी — "मान न मान मैं तेरा मेहमान" — एकतरफा नहीं होना चाहिए।

🌸 @edugrown — Premium Class 8 Hindi Notes

ये नोट्स केवल रिवीजन के लिए हैं। परीक्षा से पहले पाठ अवश्य पढ़ें।

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