WHATSAPP Welcome to Edugrown – Your Learning Partner
← Back to Study Content
Quick revision notes

Chapter-4 ऐसी भी बातें होती हैं (Aisi Bhi Baatein Hoti Hain) Quick Revision notes | Class 9th Hindi (Ganga) Summary

Class 9 · Hindi (Ganga) · Chapter-4 ऐसी भी बातें होती हैं (Aisi Bhi Baatein Hoti Hain) · All Board · ENGLISH · 6 views

Ye material inke liye bhi hai: All Board BIHAR BOARD CBSE CHHATTISGARH BOARD JHARKHAND BOARD MP BOARD NIOS RAJASTHAN BOARD UP BOARD
Chapter 4 | अध्याय ४
🎤 ऐसी भी बातें होती हैं
— यतींद्र मिश्र (लता मंगेशकर से साक्षात्कार)

यह भारत की महान गायिका लता मंगेशकर के साथ लिया गया एक भावुक और आत्मीय साक्षात्कार है, जिसमें वे अपने जीवन, संगीत, परिवार और संघर्षों के बारे में खुलकर बातें करती हैं।

🔸 पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर की यादें

लता जी बताती हैं कि उनके पिता बहुत अनुशासित थे — गुस्सा होने पर बिना डाँटे, सिर्फ गंभीर नज़रों से देखकर ही सब बच्चों को समझा देते थे। पिता एक कमाल के कलाकार थे, जो अपनी नाटक कंपनी (ड्रामा कंपनी) में रात-रातभर संगीतमय नाटक करते थे। वे एक ही राग गाते-गाते बीच में सुर बदलकर उसे नया राग बना देते और फिर वापस पहले राग में लौट आते थे — यह उनकी खासियत थी। उन्होंने मराठी रंगमंच में पहली बार कर्नाटक और पंजाब का संगीत लाकर मिलाया।

🔸 पिता से मिली सबसे बड़ी सीख — स्वाभिमान

लता जी कहती हैं कि उनके पिता ने उन्हें सबसे बड़ी सीख दी — स्वाभिमान के साथ जीना। उन्होंने कभी किसी से कुछ माँगा नहीं। पिता की मृत्यु के बाद बुरे हालात में भी माँ और भाई-बहनों ने बिना किसी के आगे हाथ फैलाए, स्वाभिमान से जीना सीखा — यही संस्कार जीवनभर उनके काम आया।

🔸 बचपन की यादें — फिल्मों की नकल

बचपन में लता जी और उनके भाई-बहन घर में फिल्मों की नकल किया करते थे — जैसे "संत तुकाराम" फिल्म देखकर तकिए-गद्दे रखकर नकली "स्वर्ग" बना लेते और गाना गाते। पिताजी सिर्फ धार्मिक और देशभक्ति की फिल्में देखने देते थे, इसलिए यह सब चोरी-छुपे होता था।

🔸 फिल्मी करियर की शुरुआत और मेहनत

लता जी ने शुरुआत में कुछ फिल्मों में अभिनय भी किया, पर उन्हें मेकअप और कैमरे के सामने आना कभी पसंद नहीं आया। "छत्रपति शिवाजी" फिल्म में उन्होंने सिर्फ आखिरी गाने की दो पंक्तियाँ गाने के लिए विशेष अनुरोध पर काम किया। पिता की मृत्यु (1942) के बाद, मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी उठा ली। उनकी रिकॉर्डिंग सुबह से रात तक चलती थी, एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो तक भागदौड़ में पूरा दिन बीत जाता था — पर उनका ध्यान हमेशा परिवार की ज़रूरतें पूरी करने पर रहता था।

🎵 दिलचस्प प्रसंग: लता जी बताती हैं कि 1950 के दशक में वे हर दीवाली की सुबह 5 बजे उठकर बड़े संगीतकारों (जैसे नौशाद साहब) के घर मिठाई लेकर जाया करती थीं — यह उनकी विनम्रता और आदर भाव को दर्शाता है।

🔸 संगीत की असीम शक्ति — तानसेन और अली अकबर खाँ का प्रसंग

लता जी संगीत की अद्भुत शक्ति पर एक निजी अनुभव साझा करती हैं — एक कंसर्ट में उस्ताद अली अकबर खाँ जब बहुत तल्लीनता से सरोद बजा रहे थे, तभी उनके सरोद का तार टूट गया। उन्होंने कहा — "बहन, जब बहुत सुर में तार लगता है, तो टूट जाता है।" इससे लता जी को लगता है कि तानसेन के "दीपक राग" से दीये जलने या "मेघ राग" से बारिश होने जैसी कहानियाँ भी सच्चे और गहरे संगीत की असीम शक्ति का ही प्रतीक हो सकती हैं।

🔸 त्योहार और परंपराएँ

लता जी अपने बचपन के होली, दशहरा, दीवाली और "गुड़ि पड़वा" (महाराष्ट्रीयन नववर्ष) मनाने के तरीकों के बारे में बताती हैं — कैसे घर में होलिका की पूजा होती, "मंगलागौर" उत्सव में औरतें गीत गातीं और नाचतीं। वे कोरस गाने वाली लड़कियों के साथ अपने आत्मीय रिश्तों को भी याद करती हैं, जो रिकॉर्डिंग के समय ज़मीन पर बैठकर उनके साथ बातें करती थीं।

🔸 अंतिम विचार — अमरता पर सोच

साक्षात्कार के अंत में जब यतींद्र मिश्र लता जी को "अमर" कहते हैं, तो वे विनम्रता से जवाब देती हैं — "मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं।" वे एक मराठी कहावत याद करती हैं — "गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन" यानी गाँव तो बह जाता है, पर नाम रह जाता है। उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात की है कि उन्होंने अपने पिता का नाम आगे बढ़ाया।

🌿 साक्षात्कार का सार: यह साक्षात्कार लता मंगेशकर के व्यक्तित्व की सादगी, आत्मसम्मान, कर्तव्यनिष्ठा और संगीत के प्रति समर्पण को उजागर करता है। यह हमें सिखाता है कि सफलता चाहे जितनी भी बड़ी हो, विनम्रता, परिवार के प्रति ज़िम्मेदारी और अपनी जड़ों के संस्कारों को कभी नहीं भूलना चाहिए।

🎶 🎼 🌸

💬 Comments & Doubts

💭

Abhi tak koi comment nahi

Sabse pehle comment karne wale bano!

Apna comment likhein

Doubt ho ya suggestion — kuch bhi poochh sakte hain. Login zaroori nahi hai.

23 − 6 =

Ye sirf ye confirm karne ke liye hai ki aap robot nahi hain.

Comment publish hone se pehle admin check karta hai.

🔔 Email Updates Lein

Naya content aate hi email par pata chal jayega. Sirf wahi sections chunein jo chahiye.

🔒 Content copy nahi kar sakte